Explore
Sign Up
Login
August 18, 2018
Chandigarh, India

हर बार मिली हैं मुझे अनजानी सी सज़ा
कैसे पुछूं तक़दीर से मेरा कसूर क्या हैं

#PoetryByRobin

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 17, 2018
Chandigarh, India

सूरज चांद सितारे सब मेरे साथ में रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे
#PoetryByRobin

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
1
0
August 16, 2018
 

राख होता हुआ वजूद मेरा
मुझसे सवाल करता है

क्या मोहब्बत करना
इतना जरूरी था

:- Nisha Malik

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
1
0
August 16, 2018
Chandigarh, India

मोहब्बत के सफ़र
का राही उम्रभर
मैं बन जाऊंगा
जो तू हो रास्ता
❤️❤️❤️
#PoetryByRobin

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
3
0
August 15, 2018
 

खुद का भी होश नहीं रहता अब मुझे

कुछ इस तरह तेरे ख्यालों में उलझा रहता हूं मैं
#PoetryByRobin

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 14, 2018
 

ये मोहब्बत शुरू हो भी तो कैसे

उसे चाहत-ए-सिलसिले का कोई तकाज़ा नहीं
#PoetryByRobin

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 14, 2018
Chandigarh, India

बिकती है ना ख़ुशी कहीं
ना कहीं गम बिकता है

लोग गलतफहमी में हैं
कि शायद कहीं मरहम बिकता है
#PoetryByRobin❤️

LOVE IS ALL WE NEED
Thumb_1533896423
PO#636237
2
0
August 13, 2018
Chandigarh, India

तन्हाइयों में हर पल अकेले रहना सीखा है हमने

यूं ही नहीं हर पल मुस्कुराना सीखा है हमने
#PoetryByRobin❤️

BE KIND
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 13, 2018
 

मैं हूं दिल है तन्हाई है

तुम भी होते तो अच्छा होता

#Faraz
#PoetryByRobin❤️

BE KIND
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 12, 2018
Chandigarh, India

उसकी ख्वाहिश है
हसीन तोहफों की

और मेरे पास
टूटे दिल के सिवाय कुछ नहीं
#PoetryByRobin❤️

BE KIND
Thumb_1533896423
PO#636237
0
0
August 11, 2018
Chandigarh, India

खुद से भी ना मिल सको
इतने पास मत होना

इश्क तो करना मगर
देवदास मत होना
#PoetryByRobin❤️

BE KIND
Thumb_1533896423
PO#636237
1
0
August 10, 2018
 

मेरी बातें बेमतलब सी

और

उसकी खामोशियों का कहर

#PoetryByRobin

SLAPPIN' THE BASE
Thumb_1533896423
PO#636237
1
0
August 10, 2018
Chandigarh, India

" किसी की हंसी के पीछे का दर्द को महसूस कर

  " ग़ालिब "

सुना है लोग हंस-हंसकर अपने आप को सजा देते हैं
#PoetryByRobin❤️

DARK NIGHT
Thumb_1533896423
PO#636237
1
0